मंकीपॉक्स क्या है इसके लक्षण, बचाव एवं उपाय

आइये जानते है मंकीपॉक्स क्या है इसके लक्षण, बचाव एवं उपाय कौनकौन से है ?

अगर इस पोस्ट को आप पूरा पढ़ते है , तो मंकीपॉक्स से सम्बंधित सारी जानकारियां मिल जाएँगी |   

तो चलिए शुरू करते है –

कोविड 19 के जैसे ही यह बहुत तेजी से फैलने वाली बीमारी है इसके बारे में अभी से जागरूक होना पड़ेगा नहीं तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम देखे जा सकते है |इसकी भयावयता को इस बात से  अंदाजा लगाया जा सकता है की अभी तक 50026 कन्फर्म केस है और 114 लोगो की मृत्यु हो गयी है | यह 80 से ज्यादा देशों में फ़ैल चूका है जिसमे  70 प्रतिशत यूरोप में तथा 25 प्रतिशत अमेरिका में फैला हुआ है|

मंकीपॉक्स का शाब्दिक अर्थ यह दो शब्दो से मिलकर बना है “monkey + pox”

इसका पहला शब्द monkey है –  चूँकि यह बीमारी सबसे पहले monkey में देखा गया इसलिए यह शब्द आया |

इसका दूसरा शब्द pox है- चूँकि इसके वायरस और लक्षण chicken pox ( चेचक) के वायरस जैसा होता है इसलिए यह शब्द आया |

मंकीपॉक्स क्या  है  – मंकीपॉक्स सामान्यता “मंकीपॉक्स बीमारी” को कहा जाता है | यह मंकीपॉक्स नामक वायरस से होता है | इसके लक्षण चेचक के जैसे होते है जिसमे पुरे शरीर में फफोले , फोड़े , फुंसी उभर आते है जिसके फटने पर गंभीर घाव उत्पन्न करते है |

मंकीपॉक्स वायरस यह एक brick shaped ( ईंट के समान ) संरचना वाली DNA वायरस है | जिसके बाह्य परत पर प्रोटीन से बनी दोहरी झिल्ली पाई जाती है |

मंकीपॉक्स क्या है इसके लक्षण, बचाव एवं उपाय
मंकीपॉक्स क्या है इसके लक्षण, बचाव एवं उपाय

मंकीपॉक्स के कारण यह मुख्य रूप से monkepox virus के संपर्क में आने से होता है | यह viral zoonotic diseases है | अर्थात यह जानवर से मानव में और मानव से जानवर में फैलता है | अतः यह इस वायरस से संक्रमित व्यक्ति या जानवर के संपर्क में आने से यह बीमारी होती है |

मंकीपॉक्स का इतिहास सबसे पहले इसे सन 1958 में डेनमार्क के एक रिसर्च लैब में बंदर जानवर में देखा गया चुकी इस बंदर में chicken pox जैसा लक्षण दिखाई दे रहा था और गहराई से रिसर्च करने पर देखा गया की इसके वायरस chicken pox वायरस से थोड़े अलग थे |इस प्रकार इस नए वैरियंट को monkepox वायरस नाम दिया गया |

सन  1917 में नाइजीरिया में 500 संदिग्ध में 200 में मंकीपॉक्स की पुष्टि हुई थी | उस समय इसकी मृत्यु दर 3 प्रतिशत नोट किया गया था |

सन 1970 से मई 2022 के पहले तक मध्य और पश्चिमी अफ्रीका में ही endemic disease के रूप में ही था |

6 मई 2022 को  united kingdom का एक व्यक्ति नाइजीरिया के यता से वापस आया था | जिसमे यह वायरस देखा गया और धीरे धीरे यह वायरस लगातार फैलते हुए 30 जुलाई 2022 तक 80 देशो में कुल 22763 मामले की पुष्टि हो गई थी |

मंकीपॉक्स क्या है इसके लक्षण, बचाव एवं उपाय
मंकीपॉक्स क्या है इसके लक्षण, बचाव एवं उपाय

इसलिए 30 जुलाई 2022 को ही  WHO के Director-general Dr.  Tedros Adhanom Ghebreyesus, ने  PHEIC- Public health emergencies of international concern (अंतरराष्ट्रीय चिंता की सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति) घोषित किया |

मंकीपॉक्स इंसानो में सबसे पहले सन  1970 में अफ्रीका के democratic of congo में 9 साल के बच्चे में देखा गया |

भारत में सबसे पहला मंकीपॉक्स का केस 15 जुलाई 2022 को पुष्टि हुई |केरल के कोल्लम में  35 साल का एक व्यक्ति UAE से भारत वापस आया था |

आज की स्थिति में ( 26 अगस्त 2022 ) 09 मरीज की पुष्टि हुई है और 01 मरीज संदिग्ध है | जिसमे से 05 केरल तथा 05 दिल्ली के मरीज है |

monkey pox variant – इसके अभी तक 2 वैरियंट खोजे गए है-

  • central african variant
  • western african variant

central african variant – यह मध्य अफ्रीका में पाया गया था इसको खतरनाक वेरिएंट माना गया है क्योकि इस वेरियंट के वाइरस तेजी से फैलता है | इसको congo veriant के नाम से भी जाना जाता है | इसकी अधिकतम  fatality death retio (घातक मृत्यु दर) 3-6 प्रतिशत तक दर्ज किया गया है |

मंकीपॉक्स क्या है इसके लक्षण, बचाव एवं उपाय
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western african variant–  यह पश्चिमी अफ्रीका में पाया गया था यह अपेक्षाकृत  कम  खतरनाक है क्योकि यह धीमी धीमी फैलता है |

मंकीपॉक्स बीमारी के कारक-

  • प्रत्यक्ष शारीरिक संपर्क , शरीर से निकलने वाले तरल पदार्थ के संपर्क , यौन संपर्क या घावों के संपर्क में आने पर,
  • अप्रत्यक्ष संपर्क जैसे संक्रमित व्यक्ति के दूषित कपड़ो या सामान का उपयोग करने पर,
  • लम्बे समय तक संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क में आने पर सांस की बूंदो से,
  • अधपका या संक्रमित मांस को खाने पर |

मंकीपॉक्स के सामान्य लक्षण – इसके लक्षण को दो वर्गों में रखा गया है –

1- incubation period –  (उद्भवन काल ) – ये संक्रमण के बाद 5-13 दिनों तक होता है इसमें ज्यादातर केस में कोई लक्षण पता नहीं चलता है |

मंकीपॉक्स क्या है इसके लक्षण, बचाव एवं उपाय
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2- invasion period – (आक्रमण काल ) – ये ठीक incubation period के बाद की अवधि है इसमें  संक्रमण के कुछ लक्षण दिखाई देते है | जैसे –

  • chicken pox ( चेचक) अर्थात बड़ी माता जैसे लक्षण,
मंकीपॉक्स क्या है इसके लक्षण, बचाव एवं उपाय
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  •  बुखार,
  • त्वचा पर चकते ( चेहरे पर शुरू होकर हाथ , पैर , हथेलियों  और तलवो तक  ),
  • सूजे हुए लिम्फ नोड,
  • सिर दर्द , मांसपेशियों में दर्द , या थकावट,
  • गले में ख़राश व खासी आदि,
मंकीपॉक्स क्या है इसके लक्षण, बचाव एवं उपाय
मंकीपॉक्स क्या है इसके लक्षण, बचाव एवं उपाय
  • face (चेहरा) में – 95 प्रतिशत लक्षण देखे गए है,
  • palm of the hand and soles of feet (हाथ की हथेली और पैरों के तलवे) में – 75 प्रतिशत लक्षण देखे गए है ,
  • oral mucous membrane (मुंह के अंदर) में – 70 प्रतिशत लक्षण देखे गए है ,
  • genitalia (जननांग) में – 30 प्रतिशत लक्षण देखे गए है ,
  • cornea (आंख की कॉर्निया) में – 20 प्रतिशत लक्षण देखे गए है |

मंकीपॉक्स से  परेशानियाँ ( प्रभाव )-

  • आँखों में दर्द या धुंधली दृष्टि,
  • साँस लेने में कठिनाई,
  • सीने में दर्द,
  • बार बार बेहोश होना और दौरे पड़ना,
  • पेशाब में कमी,

मंकीपॉक्स के उपचार व इलाज  –

यह  आमतौर पर Self-limited diseases है  अर्थात यह 2-4 हप्तों  में  बिना किसी उपचार के अपने आप ही ठीक हो जाता है | पर  भी इस pandemic situation में लक्षण या परेशनिया दिखाई देती है |तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए डाक्टरों के देखरेख  में यह आसानी से ठीक हो जाता है | इस बीमारी से डरने की जरुरत नहीं है क्यकि अभी तक मृत्युदर 3 प्रतिशत ही दर्ज किया गया है |


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मंकीपॉक्स का टीकाकरण –

अभी तक इसके लिए सटीक ठीके की खोज नहीं हो पाई है पर भी WHO ने european medical association  (EMA) को chicken pox के वैक्सीन antiviral tecovirimat को मंकीपॉक्स के उपचार के लिए उपयोग करने की मंजूरी दे दी है |

मंकीपॉक्स के लिए भारत सरकार  स्वस्थ मंत्रालय के तरफ से दिशा निर्देश –

  • मंकीपॉक्स संक्रमित रोगी को 21 दिनों तक कॉरेन्टाइन में रहना होगा,
  • चहरे पर थ्री लेयर वाला मास्क पहनना  होगा,
  • इसके साथ साथ हाथों को साबुन या सेनेटाइजर से  धोते रहे,
  • घावों को पूरी तरह ढककर रखना है पूरी तरह ठीक होने तक अस्पताल में ही  रहना है,
  • संक्रमित रोगी के संपर्क में आने से बचाना है,
  • संक्रमित रोगी के बिस्तर, कपड़े आदि में  संपर्क में आने पर भी बचना है |

भारत सरकार की पहल –

  • सरकार ने वैक्सीन बनाने वाली कंपनी को वैक्सीन बनाने के लिए अपील की है इसके लिए 10 अगस्त 2022 तक टेंडर मांग लिया है |
  • icmr niv ने वायरस को extract (अलग) क़र लिया है और वैक्सीन बनाने वाली कंपनी  को देने के लिए तैयार है |

यह पूरा आर्टिकल जागरूकता के उद्देशय से बनाया गया है इसलिए इसको पढने के बाद आप भी लोगो को जागरूक करिये और सरकार के निर्देशों को पालन करिये | स्वस्थ रहे, मस्त रहे धन्यवाद् |

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